आगरा के औद्योगिक विकास हेतु चैम्बर ने मुख्यमंत्री को सौंपा मांग-पत्र

1. माननीय मुख्यमंत्री जी से आगरा में आईटी पार्क की चैम्बर ने की मांग।
2. चैम्बर द्वारा औद्योगिक आस्थानों पर यूपीसीडा द्वारा लगाये जा रहे शुल्क को कम करने, आगरा में टैक्सटाइल्स हब के रूप में विकसित करने, आगरा में विश्व स्तरीय टेªड सेंटर की स्थापना करने की गयी मांगी।
3. चैम्बर द्वारा प्रेषित समस्याओं पर शीघ्र कार्यवाही का दिया आश्वासन।

माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के आगरा भ्रमण के दौरान चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल द्वारा उनसे भेंट की गयी जिसमें अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल द्वारा माननीय मुख्यमंत्री द्वारा ताज संरक्षित क्षेत्र में उद्योगों पर लगी बंदिषों को हटाने के लिये माननीय सर्वोच्च न्यायलय में किये गये अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप दिनांक 23.07.2026 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेषानुसार ताज संरक्षित क्षेत्र में लगभग 400 आवेदनो पर अनुमति प्राप्त कराने पर चैम्बर द्वारा उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि आपके द्वारा किये गये सफल प्रयासों से आगरा के उद्योग एवं संपूर्ण जनमानस को विषेष राहत प्राप्त हुई है तथा आगरा के उद्योगों को नई ऊर्जा प्राप्त हुई है। हम उद्यमी व व्यापारी गण बहुत ही प्रसन्नता व्यक्त करते हैं कि आपके द्वारा उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रयास किये जा रहे हैं और विभिन्न योजनाएं बनाई जा रही है। आगरा के उद्योग अति सूक्ष्म व लघु उद्योग है इनको अगर सरकार का संरक्षण मिल जाये तो यह उद्योगों में स्फूर्ति आ सकती है। ताज ट्रेपेज़ियम ज़ोन के संबंध में सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश के बाद आगरा की फैक्ट्रियों को गैस एवं बिजली की आपूर्ति पुनः शुरू होने के विषय पर चर्चा की गई। इस निर्णय से औद्योगिक विकास को नई गति मिलने और स्थानीय उद्योगों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल द्वारा आगरा में आईटी सिटी की स्थापना की मांग करते हुए 4 सूत्रीय प्रतिवेदन माननीय मुख्यमंत्री महोदय को प्रेषित किया गया।

1. आई0टी0 सिटी की स्थापनाः- आगरा में आईटी सिटी की मांग बहुत पुरानी है और आईटी उद्योग आगरा के लिए एक बहुत ही उपयुक्त उद्योग है क्योंकि आगरा में सड़क, रेल एवं हवाई मार्ग की कनेक्टिविटी बहुत ही बेहतर है। एनसीआर एवं आई टी सिटी नोएडा के नजदीक है। आगरा में पूर्व से ही एक हवाई अड्डा है और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 01 घंटे की दूरी पर है। आगरा में जमीन भी सस्ती दर पर उपलब्ध है और यहां शिक्षा का हब होने के कारण कुशल युवा बड़ी संख्या में सस्ती दर पर उपलब्ध है। आगरा में ताज संरक्षित क्षेत्र होने के कारण विभिन्न प्रकार की बंदिशें लगी हुई है। आईटी उद्योग श्वेत श्रेणी में आने के कारण आगरा में आसानी से स्थापित किये जा सकते हैं। हमारा सुझाव है कि आगरा को आईटी सिटी बनाया जाए। इस हेतु हमारा निवेदन है कि आगरा में एक आई टी कॉन्क्लेव आयोजन किया जाये। जिससे बड़ी कंपनियां आगरा के लिए आकर्षित हो सके और बड़े ग्रुप टीसीएस, इन्फोसिस विप्रो एचसीएल को आगरा में लाने के लिए आकर्षित किया जाए जिससे आगरा में आईटी सिटी स्थापित होने के होने से आगरा से प्रतिभा पलायन रुकेगा। वर्तमान में रोजगार के अभाव में 15 से 20 हजार युवा प्रतिवर्ष अन्य शहरों के लिए पलायन कर जाते हैं। आगरा षहर बुजुर्गों का षहर बनता जा रहा है। आईटी उद्योगों की स्थापना होने से बच्चे अपनी जन्म भूमि वापिस आकर अपने माँ-बाप की सेवा कर सके ओर अपने मां बाप के पास अंतिम समय में उनके साथ रह सके। आईटी उद्योगों की स्थापना के लिये ग्रेटर आगरा या आगरा मथुरा रोड सर्वाेत्तम स्थल है। वर्ष 2012 में आयोजित ग्लोबल मीट का आयोजन किया गया था जिसमें विभिन्न घोशणाएं की गयी थी उनमें से आईटी सिटी पर भी घोशण की गयी थी किन्तु अभी तक आईटी सिटी के कार्य को मूर्तरूप प्रदान नहीं किया गया है। हमार सुझाव है कि आगरा में पुनः एक आगरा ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट आपके सानिध्य में आयोजित की जाए, जिसमें देश-विदेश के निवेशकों, उद्योगपतियों, निर्यातकों एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों को आमंत्रित किया जाए। इस आयोजन के माध्यम से आगरा में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, नए उद्योग स्थापित होंगे, रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे, निर्यात में वृद्धि होगी तथा पर्यटन, एमएसएमई एवं सेवा क्षेत्र को नई गति मिलेगी।

2. आगरा के औद्योगिक क्षेत्रों के रख-रखाब ष्शुल्क की अधिकता के सम्बन्ध मेंः- यूपीसीडा द्वारा औद्योगिक क्षेत्र के रख-रखाब के लिये मेन्टेनेंस चार्ज के रूप में जो मांगा गया है वह नगर निगम के शुल्क से भी बहुत अधिक है। यूपीसीडा द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों के रख-रखाब के लिये 35/-रू0 मी0 की दर से मेन्टेनेंस चार्ज मांगा जा रहा है जिसके कारण 1000 वर्गमी0 की भूमि पर 35000/- रू0 प्रतिवर्श मेन्टेनेन्स चार्ज होता है जबकि वर्तमान में औद्योगिक इकाई से नगर निगम द्वारा अभी तक 18000/-रू0 से 25000/- लगभग मेन्टेनेन्स चार्ज लिया जा रहा था। चूँकि नगर निगम के कर की दर रिक्त भूमि एवं कवर्ड ऐरिया के अनुसार अलग-अलग दर के आधार पर लगती है। इन दरों मंे क्षेत्र एंव सड़क की चौड़ाई का भी आधार होता है। इसलिये इनके कर की दर को सीधे यूपीसीडा के मेन्टेनेन्स चार्ज से तुलनात्मक अंतर नहीं बताया जा सकता, लेकिन सभी उद्यमियों के पास जो बिल जानकारी में आ रहे हैं, उन पर नगर निगम के मुकाबले 30 प्रतिषत से 40 प्रतिषत तक अधिक है। महोदय, उद्यमियों पर मेन्टेनेंस षुल्क का बोझ अत्यन्त बढ़ गया है, उसके अनुसार वाली सुविधाएं भी नगर निगम से मिल रही रही सुविधाओं से काफी निम्न स्तर की हैं। इसी के साथ-साथ जल निगम द्वारा उद्यमियों को जलकर के बिल भेजे जा रहे हैं जिससे उद्यमियों को यूपीसीडा के रख-रखाब षुल्क एवं जलनिगम के जलकर का षुल्क अर्थात दोहरा षुल्क अदा करना पड़ रहा है। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि उक्त मेन्टेनेन्स ष्शुल्क को षीघ्रताषीघ्र कम करने के आदेष निर्गत करने की कृपा करें तथा साथ ही यूपीसीडा द्वारा लिये जा रहे रख-रखाब शुल्क में उद्योगों को दी जाने वाली सुविधाआंे की जानकारी प्रदान करवाने की कृपा करें।

3. आगरा में विश्वस्तरीय ट्रेड सेंटर की स्थापनाः- आगरा विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी होने के साथ-साथ जूता, चमड़ा, हस्तशिल्प, ग्लास, मार्बल, इंजीनियरिंग, फाउंड्री एवं एमएसएमई उद्योगों का प्रमुख केंद्र है। आगरा से बड़ी संख्या में उत्पाद देश-विदेश में निर्यात किए जाते हैं, लेकिन शहर में आज भी ऐसा आधुनिक ट्रेड सेंटर उपलब्ध नहीं है जहाँ उद्योग, व्यापार और निर्यात से संबंधित सभी सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध हों। अतः हमारा सुझाव है कि आगरा में एक विश्वस्तरीय ट्रेड सेंटर की स्थापना कराई जाए, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रदर्शनी एवं कन्वेंशन सेंटर, उत्पाद प्रदर्शन गैलरी, एमएसएमई, स्टार्टअप एवं उद्यमियों के लिए बिजनेस सपोर्ट, प्रशिक्षण एवं परामर्श सुविधाएँ, आधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल, सेमिनार कक्ष एवं डिजिटल मीटिंग सुविधाएँ, बैंकिंग, कस्टम, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउस एवं अन्य व्यापारिक सेवाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध हों।
4. आगरा को टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करने हेतुः- उत्तर प्रदेश आज औद्योगिक विकास और निवेश के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार की औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन नीतियों के परिणामस्वरूप अनेक जिलों में नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। ऐसे समय में आवश्यकता है कि आगरा को केवल पर्यटन नगरी तक सीमित न रखकर उसे टेक्सटाइल एवं गारमेंट उद्योग का प्रमुख केंद्र (टेक्सटाइल हब) बनाया जाए। प्रतिवर्ष लाखों देशी-विदेशी पर्यटक यहां आते हैं, जिससे वस्त्र एवं परिधान उद्योग के लिए एक बड़ा बाजार उपलब्ध है। यदि यहां आधुनिक टेक्सटाइल पार्क, गारमेंट निर्माण इकाइयां और डिजाइन सेंटर विकसित किए जाएं, तो आगरा उत्तर भारत का प्रमुख टेक्सटाइल व्यापार एवं निर्यात केंद्र बन सकता है। टेक्सटाइल हब बनने से बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा तथा सूत, कपड़ा, प्रोसेसिंग, गारमेंट, होम टेक्सटाइल, फैशन, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे अनेक सहायक उद्योगों का भी विकास होगा। इससे स्थानीय उद्यमियों को नए अवसर मिलेंगे और युवाओं तथा महिलाओं के लिए हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।

माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा चैम्बर द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन को बहुत जी ध्यानपूर्वक सुना गया तथा उन पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

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