सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय का उद्यमियों ने किया स्वागत

1. चैम्बर के रंग लाये प्रयास – माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से उद्यमियों को मिली राहत।
2. माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने दिया 400 आवेदकों के बारे में सीईसी, टीटीजेड और नीरी को निर्णय लेने का अधिकार।
3. माननीय सर्वोच्च न्यायलय के आदेश का उद्यमियों एवं व्यापारियों ने किया स्वागत किया मिष्ठान वितरण।
4. चैम्बर द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय, माननीय मुख्यमंत्री एवं संबन्धित अधिकारियों की सकारात्मक पहल पर चैम्बर ने व्यक्त किया आभार।
5. प्रतिभा पलायन रोकने की दिशा में मिलेगी सफलता।

आज चैम्बर सभाागार में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल की अध्यक्षता में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 400 उद्योगों की राह आसान करने पर हर्ष व्यक्त किया गया। चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने मानानीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि उक्त आदेश आगरा के उद्योगों के विकास के लिये बहुत की कारगर सिद्ध होगा। टीटीजेड से ग्रसित उद्यमियों एवं व्यापारियों को इससे राहत प्राप्त होगी। उन्होेंने इस आदेश के बारे में अवगत कराया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा चर्चा की गयी कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टीटीजेड के लिये असेसमेंट स्टडी और विजन डॉक्यूमेंट में देरी की वजह से लम्बित औद्योगिक आवेदनों पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को अनिश्चितकाल तक नहीं रोका जा सकता।  इसलिये माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्णय लिया गया कि टीटीजेड आथोरिटी लम्बित आवेदन पर प्रोसेस सकती है। कोर्ट ने कहा कि जिन मामलों में नेशनल एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी), सेन्टल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) और टीटीजेड आर्थोरिटी किसी आवेदन पर सहमत है तो टीटीजेड आर्थोरिटी बिना कोर्ट जाये लम्बित आवेदनों पर अनुमोादन कर सकती है। कोर्ट ने कहा कि अंतिम फैसला लेने से पहले हर मंजूरी को सीईसी की बेबसाइट पर अपलोड किया जाना चाहिये। उन्होने कहा कि टीटीजेड में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को मंजूरी नहीं दी जायेगी। उन्होंने बताया कि यदि किसी विशेषज्ञ को किसी उद्योग के गैर-प्रदूषणकारी होने पर आपत्ति होगी, तो उस आवेदन पर अंतिम निर्णय सर्वाेच्च न्यायालय की अनुमति से ही होगा। साथ ही सभी स्वीकृतियों को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाएगा ताकि पारदर्शिता एवं जनसहभागिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 400 आवेदन की सूची में चैम्बर द्वारा भेज गयी सूची को भी सम्मिलित किया गया है।

पूर्व अध्यक्ष श्री मनीष अग्रवाल जी ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 400 आवेदनों पर सकारात्मक कार्यवाही के निर्णय से उद्यमियों को राहत प्राप्त होगी तथा उद्योग एवं व्यापार के रास्ते खुलेंगे। यह निर्णय विशेष रूप से उन एमएसएमई इकाइयों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जो विद्युत अथवा प्राकृतिक गैस आधारित, पर्यावरण-अनुकूल उद्योग स्थापित करना या उनका विस्तार करना चाहते हैं। इससे आगरा सहित ज्जर्् क्षेत्र के छह जिलों में निवेश, रोजगार एवं औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की संभावना है।

पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल ने कहा कि न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण संरक्षण सर्वाेच्च प्राथमिकता है, किंतु इसके साथ-साथ स्थानीय रोजगार, उद्यमिता और आर्थिक गतिविधियों को भी अनिश्चितकाल तक बाधित नहीं किया जा सकता। इसी उद्देश्य से एक संतुलित व्यवस्था लागू की गई है।

हर्ष व्यक्त करने वालों में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, उपाध्यक्ष द्वय नितेश अग्रवाल, अम्बा प्रसाद गर्ग, विनय मित्तल, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, अनिल वर्मा, मनीष अग्रवाल, अतुल कुमार गुप्ता, मनोज कुमार गुप्ता, देवेन्द्र गोयल, राजेन्द्र कुमार अग्रवाल, विकास मित्तल, केशव दत्त गुप्ता, धर्मगोपाल मित्तल, सचिन सारास्वत, मयंक अग्रवाल, अखिलेश दुबे नरेन्द्र गुप्ता, राजकिशोर खंडेलवाल, थे।

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